OBC डॉक्टर ने घायल ब्राह्मण युवक से रिश्वत मांगी, नहीं तो कैसे बिगाड़ने की धमकी

इस तरह के मामले जातिवाद के तहत दर्ज नहीं होते क्योंकि ब्राह्मणों के साथ भेदभाव के मामले दर्ज करने के लिए कोई प्रावधान ही नहीं है। जबकि ब्राह्मण हर रोज अपमानित और भेदभाव का शिकार हो रहे हैं। मध्य प्रदेश के सीधी जिले में एक ओबीसी डॉक्टर ने घायल ब्राह्मण की नियम के अनुसार मेडिकल रिपोर्ट बनाने से इनकार कर दिया। ₹10000 मांगे नहीं तो मेडिकल रिपोर्ट कमजोर कर देने की धमकी दी।

मामला मऊगंज जिले के पाती गांव निवासी अंकित शुक्ला से जुड़ा है। करीब एक महीने पहले अमिलिया क्षेत्र में अंकित के साथ मारपीट हुई थी, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। कानूनी प्रक्रिया के तहत मेडिकल परीक्षण और रिपोर्ट की आवश्यकता थी। आरोप है कि बीएमओ डॉक्टर स्वतंत्र पटेल ने मेडिकल रिपोर्ट में 'गहरा घाव' लिखने के लिए अंकित से ₹10 हजार की रिश्वत मांगी थी। 

लगातार गुहार लगाने के बाद रिश्वत की राशि ₹5,000 तय हुई। इसके बाद शिकायतकर्ता अंकित शुक्ला ने लोकायुक्त पुलिस से संपर्क किया और लिखित शिकायत दर्ज कराई। लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत का सत्यापन किया, जो सही पाया गया। सत्यापन के बाद टीम ने ट्रैप की योजना बनाई।

शनिवार सुबह करीब 10 बजे शिकायतकर्ता ने डॉक्टर स्वतंत्र पटेल को रिश्वत की राशि सौंपी, पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी डॉक्टर को सीधी जिले के सर्किट हाउस लाया गया, जहां आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

लोकायुक्त निरीक्षक एस. राम मरावी ने बताया कि शिकायत की पूरी तरह से जांच और सत्यापन के बाद ही यह कार्रवाई की गई। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस ऑपरेशन में 12 सदस्यीय टीम शामिल थी और सभी प्रक्रियाएं नियमों के तहत पूरी की गई।