12 साल तक विद्युत विभाग की खामियों से लड़े PNB पूर्व प्रबंधक और नौसेना अधिकारी,अब विद्युत लोकपाल ने सुनाया फैसला

कटनी।
विद्युत विभाग कटनी के द्वारा गलत व मनमाने तरीके से बिल पेश करने और भुगतान करने के खिलाफ एक पीएनबी के पूर्व प्रबंधक आर के प्रसाद और उनके पुत्र जो कि एक भारतीय नौसेना अधिकारी है।  लगभग १२ साल तक विद्युत विभाग से लड़े,इसके बाद विद्युत विभाग द्वारा कई बार मनमाने तरीके से उपभोक्ता का निराकरण न कर परेशान किया जाता रहा। 

हालात ये थे की गलत बिलों के शिकायतों को भी विद्युत विभाग हमेशा रफा दफा कर देता था,इसी क्रम में जब उपभोक्ता ने विद्युत विभाग के ही उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया तो फोरम ने बिना पक्ष सुने ही विद्युत विभाग के पक्ष में फैसला दे दिया,हालात ये थे फोरम ने किसी तरह की सुनवाई भी नही की। 

विद्युत लोकपाल था अंतिम विकल्प 
नाम ना बताने की शर्त पे नौसेना अधिकारी ने बताया की किस तरह से उनके ही सीनियर ऑफिसर ने लीगल एक्सपर्ट की मदद से कई तरह सुझाव दिए,इसी क्रम मे उन्होंने ने बताया उन्होंने हर एक दस्तावेज हथियार के रूप मे बिजली विभाग के खिलाफ जमा किए और सारी खामियों को पूरी तरह से अवलोकन कर विद्युत लोकपाल में मामले को दायर किया। 

आरटीआई का जवाब नहीं दिया- विद्युत विभाग उपभोक्ता के आरटीआई आवेदन को भी टरकाता रहा,नौसेना अधिकारी ने बताया की किस तरह से उन्होंने आरटीआई लगा कर जानकारी मांगी जिसमे विद्युत विभाग जवाब देने में असफल रहा। यहाँ तक कि विभाग के पास उपभोक्ता के शिकायत संबंधित दस्तावेज भी नही थे जिसे वो आरटीआई में जवाब दे पाते।

लोकपाल ने सुनाया उपभोक्ता के पक्ष मे फैसला: पीएनबी के पूर्व प्रबंधक द्वारा जब लोकपाल में मामले की सुनवाई हुई तो कम से कम ३ पेशी में विद्युत विभाग के कनिष्ट अभियंता हर बार असंतोष जवाब विद्युत लोकपाल को देते रहे,गलत जानकारी व उपभोक्ता के गलत बिलों का भार उपभोक्ता पर डालने पर लोकपाल द्वारा फटकार भी लगाई गई।

लोकपाल ने मामले को सुलझाने के लिए विद्युत विभाग कटनी को समय सीमा भी दी लेकिन बिलों के निराकरण और भार को घटाने में विभाग असफल साबित हुआ। इसके बाद समय सीमा पर जवाब ना देने व उपभोक्ता के शारीरिक व मानसिक रूप से परेशान करने पर दोषी अधिकारी के खिलाफ कड़ी कारवाई करने,३० दिनों मे गलत बिलों को सही करके बाकी राशि को उपभोक्ता को लौटाने का आदेश पारित किया।