भोपाल, 29 दिसंबर 2025: मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों सोशल मीडिया पर तीखे वार-पलटवार आम हो गए हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी अक्सर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और भाजपा सरकार पर नेगेटिव कमेंट्स करते नजर आते हैं, लेकिन इस बार उनका एक पोस्ट खुद उनके लिए मुसीबत बन गया। दरअसल, जीतू पटवारी ने X पर मुख्यमंत्री का एक कटा हुआ वीडियो शेयर करके उन पर तंज कसा, लेकिन फैक्ट चेक करने पर पता चला कि पूरा संदर्भ कुछ और ही था। इससे भाजपा समर्थकों ने उनकी समझ पर सवाल उठाने शुरू कर दिए और मामला काफी वायरल हो गया।
क्या था पूरा मामला?
जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री के एक वीडियो क्लिप को पोस्ट करते हुए लिखा कि जावरा से इंदौर की दूरी 185 किलोमीटर और उज्जैन से 102 किलोमीटर है, लेकिन मोहन यादव जी इसे अपने जादू से सिर्फ 20 किलोमीटर कर देंगे। उन्होंने सवाल किया कि सैकड़ों किलोमीटर की दूरी को 90 प्रतिशत तक कम करने वाली यह कौन सी टेक्नोलॉजी है, इस पर तो ऑक्सफोर्ड और हार्वर्ड को भी शोध करना चाहिए। यह पोस्ट काफी शेयर हुआ और कई लोगों ने इसे मुख्यमंत्री पर अच्छा वार माना।
लेकिन भाजपा ने पोल खोल दी
लेकिन भाजपा ने जल्दी ही पोल खोल दी। असल में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन एरिया की बात कर रहे थे, जिसका विस्तार अब रतलाम जिले के बड़े हिस्से तक किया जा रहा है। इसमें जावरा जैसे क्षेत्र भी शामिल होंगे। यानी इंदौर मेट्रोपॉलिटन एरिया की नई सीमा से जावरा की दूरी सिर्फ 20 किलोमीटर रह जाएगी। मुख्यमंत्री सीमा विस्तार और क्षेत्रीय विकास की बात कह रहे थे, लेकिन क्लिप काटकर इसे गलत तरीके से पेश कर दिया गया। पूरा वीडियो देखने पर साफ हो जाता है कि कोई जादू-टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि प्लानिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की बात थी।
पटवारी के बयान से कांग्रेस को नुकसान
यह घटना बताती है कि सोशल मीडिया पर जल्दबाजी में पोस्ट करने से कितनी आसानी से गलतफहमी फैल सकती है। कांग्रेस के लिए यह थोड़ा असहज करने वाला पल रहा, क्योंकि खुद को मुख्यमंत्री पद का दावेदार मानने वाले जीतू पटवारी की इस गलती पर भाजपा ने खूब चुटकी ली। पार्टी की आंतरिक गुटबाजी से पहले से परेशान कांग्रेस को ऐसे मौके और नुकसान पहुंचाते हैं।
इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन में कितना एरिया आएगा
इस बीच, इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन एरिया का प्लान तेजी से आगे बढ़ रहा है। हाल ही में मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि यह क्षेत्र अब करीब 14 हजार वर्ग किलोमीटर तक फैलेगा, जिसमें रतलाम, जावरा, मंदसौर और नीमच जैसे इलाके भी लाभान्वित होंगे। इससे पश्चिमी मध्य प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्री और टूरिज्म को बड़ा बूस्ट मिलेगा। सिंहस्थ 2028 की तैयारियां भी इसी से जुड़ी हैं।
सस्ती लोकप्रियता के लिए आधा-अधूरा वीडियो क्लिप फैलाना कांग्रेस की हताश राजनीति को दिखाता है।
— BJP Madhya Pradesh (@BJP4MP) December 29, 2025
मध्यप्रदेश के विकास और मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों के निर्माण से कांग्रेस को तकलीफ क्यों?
तथ्यहीन भ्रम फैलाना जनता के प्रति अक्षम्य है। कांग्रेस और उसके अध्यक्ष जनता से तुरंत माफी मांगें 😡 https://t.co/4aC4mMoIkD pic.twitter.com/Nfp4sFeuVR
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