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इस युद्ध में पाकिस्तानी घुसपैठियों को घुटने टेकने मजबूर होना पड़ा था:कारगिल युद्ध गाथा / Shivpuri news

शिवपुरी। कारगिल युद्ध की गाथा भारतीय सैन्य इतिहास का एक ऐसा अध्याय है जिसने गौरवशाली वीर बलिदानी परंपराओं को और भी समृद्ध कर दिया है। वर्ष 1999 में 18 हजार फीट की ऊँचाई पर लड़े गए इस युद्ध में पाकिस्तानी घुसपैठियों को घुटने टेकने मजबूर होना पड़ा। भारतीय सेनाओं के वीर जवानों ने ऑपरेशन विजय में  विजय प्राप्त की और तब से प्रतिवर्ष 26 जुलाई को देश कारगिल विजय दिवस मनाता है।

35वीं म.प्र. बटालियन एनसीसी शिवपुरी कर्नल धीरेन्द्र सिंह के निर्देशानुसार कारगिल विजय दिवस के गर्वित अवसर पर हैप्पी डेज हायर सेकेण्डरी स्कूल के एनसीसी  केयर टेकर नितिन कुमार शर्मा द्वारा माइक्रोसॉफ़्ट टीम एप के माध्यम से बेवीनार का आयोजन किया गया। जिसमें ट्रुप नंबर 97(बी) के कैडेट्स पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए।

संचालन करते हुए केयरटेकर शर्मा ने बताया कि जब सेना में राष्ट्र की बात करते हैं तो वहाँ हमारा मतलब किसी भौगोलिक आकृति से नहीं होता बल्कि उस भावना से होता है जो हमें देश की माटी से जोड़ती है, जिसके सम्मान की रक्षा में हम अपना सर्वस्व भी बलिदान करने तत्पर हो उठें।

कार्यक्रम में कैडेट्स को कारगिल युद्ध के सैन्य इतिहास से परिचय कराने के साथ उन्हें कारगिल योद्धा कैप्टन अखिलेश सक्सेना के युद्ध अनुभव, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक तथा वीरगति प्राप्त व जीवित परमवीर चक्र विजेताओं के विचार वीडियो के माध्यम से साझा किए गए। भूतपूर्व एनसीसी कैडेट परमवीर चक्र से सम्मानित शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा, मनोज पांडे व वीर चक्र विजयंत थापर के जीवन के प्रेरणादायक प्रसंगों को दिखाया गया।

इस अवसर पर ऑनलाइन लाइन क्विज के साथ राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत कविता का गायन कैडेट रोहित शिवहरे व कैडेट रॉक्टेश भारतीय द्वारा किया गया। अंत में राष्ट्र के नाम प्रतिज्ञा लेकर राष्ट्र हित सर्वोपरि की भावना के साथ बेवीनार का सफल समापन किया गया। 


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