हजारों पुजारियों और पुरोहितों के सामने अब त्रिशंकु जैसी स्थिति / sagar news

सागर/ प्रदेश के हजारों पुजारी,पुरोहित कर्मकांडी ब्राह्मणों के सामने आज त्रिशंकु जैसी स्थिति निर्मित हो गई है,कोरोना महामारी में देश भर के मंदिर बंद हैं ,सारे धार्मिक संस्कार बन्द है,शादी विवाह बन्द है,पौराणिक कथाएं बन्द है यह वो वर्ग है जो पूजनपाठ की दक्षिणा से परिवार का भरण पोषण करता है साथ ही आर्थिक दृष्टि से कमजोर भी है। सरकार की किसी भी योजना में यह वर्ग पात्र भी नही है और ना ही किसी सरकार ने इस वर्ग के लिये कुछ विचार किया है।

ब्राह्मण स्वाभिमानी भी होता है इसलिये सरकार से ये ना राशन मांग रहा ना भोजन के पैकिट को हाथ वड़ा सकता है क्योंकि स्वाभिमान आड़े आ जाता है इसलिये इस वर्ग के सामने त्रिशंकु की स्थिति सटीक वैठती है। पुजारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष भोपाल के पंडित नरेंद्र दीक्षित बताते है कि वैदिक काल से ब्राह्मण भारतीय संस्कृति का अतिआवश्यक अंग माना जाता है कर्मकांड से ही भारतीय संस्कृति जीवित है लेकिन आज महामारी के इस दौर में संस्कृति का ध्वजवाहक ब्राह्मण उपेक्षित महसूस कर रहा है।

युवा ब्राह्मण समाज के प्रदेशाध्यक्ष पं. भरत तिवारी का कहना है कि सिर्फ सागर ही नही पूरे प्रदेश में पुजारी कर्मकांडी कथावाचक ब्राह्मण आर्थिक दयनीयता से गुजर रहा है सरकार को प्रदेश भर में हमारे इस अभिन्न संस्कृति के अंग को राहत प्रदान करने नीति बनानी चाहिये।सागर ब्राह्मण समाज के जिलाध्यक्ष पं. देवीप्रसाद दुबे ने इसी मांग को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक आवेदन भी ईमेल के माध्यम से प्रेषित किया है जल्द कार्यवाही की अपेक्षा जताई है।

पुजारी संघ की सागर जिलाध्यक्ष पं.शिवप्रसाद तिवारी ने बताया कि दैनिक दक्षिणा से जीवन यापन करने वाले बहुत से पुजारी पंडितो के रोज फोन आ रहे राशन पानी की व्यवस्था नही है इस पर हमने मिलकर ब्राह्मण समाज के सम्पन्न व्यक्तियों से कुछ सहयोग तो प्रदाय करवाया है पर ये ना काफी है सरकार ये हमारे बारे में शीध्र कुछ राहत घोषित करनी चाहिये।
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