अपर कलेक्टर के वाहन चालक के अतिक्रमण नीति पर चुप क्यों हैं तेज तर्रार DM | MP NEWS

रामबिहारी पाण्डेय/सीधी। कलेक्टर शासकीय भूमि में बने अनावश्यक मकान व अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में जुटे हुए हैं। वहीं एडीएम के ड्राइवर ने कलेक्ट्रेट से चंद दूर स्थित नजूल की भूमि पर हवेली बनाकर किराये पर उठवा दिया। उसकी प्रशासनिक पहुंचे के चलते लोग शिकायत की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहे। आरोप है कि वह खुद तो अतिक्रमण कर ही लिया, अपने चहेतों को भी इसके लिए प्रेरित कर रहा है। उसके भाई, भतीजे भी इसी भूमि पर आवास का निर्माण करने में जुट गए हैं। दिन को निर्माण बंद रहता है, सुबह लोगों को नया निर्माण कार्य देखने को मिल जाता है। मामले को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के संरक्षण होने की भी चर्चा की जा रही है।

बेवा का बना हुआ मकान तोड़ा था प्रशासन

उत्तरी करौंदिया स्थित हरिजन थाना के बगल में खाली पड़ी शासकीय भूमि छात्रावास के लिए आरक्षित की गई थी। जिस पर हवेली तान दी गई है। पूर्व में इसी जमीन पर बेवा राजकुमारी सिंह ने आवास निर्माण कर लिया था। इसमें तबेला बनाकर भैंस पाल ली थी। जिसकी शिकायत पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए जेसीबी से उसका मकान ढहा दिया था। लेकिन कुछ महीने बाद ही अपर कलेक्टर के ड्राइवर श्यामलाल जायसवाल ने खसरा क्रमांक 302/1 पर अतिक्रमण कर आवास का निर्माण करा लिया। इस पर प्रशासन की नजर नहीं पड़ रही है।

दूसरे मकान में रहता है परिवार के साथ 

बताया गया कि चालक श्यामलाल जायसवाल जहां अतिक्रमण कर आवास का निर्माण कराया गया है, उसके अलावा भी वह शहर में दूसरा आवास का निर्माण किया है। जहां वह अपने परिवार के साथ रहता है। अतिक्रमणित नजूल की भूमि पर कराए गए आवास निर्माण मे दो कमरे किराए पर दिया है, जिसके बदले किराएदारी वसूल रहा है।

आवास के साथ बना ली बाउंड्रीवाल 

चालक के द्वारा न सिर्फ नजूल की भूमि पर अतिक्रमण कर आवास का निर्माण किया गया बल्कि आवास को सुरक्षित रखने के लिए चारो तरफ बाउंड्रीवाल का निर्माण कर लिया गया है। बताया गया कि प्रशासन के द्वारा करीब चार वर्ष पूर्व कार्रवाई के लिए आदेश जारी किया गया था जिस पर श्यामलाल जायसवाल के द्वारा स्थगन ले लिया गया था, उसके बाद आज दिनांक तक प्रशासन के द्वारा किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की गई।

दोषी मिलने पर करेंगे कार्रवाई

सीधी के अपर कलेक्टर डीपी वर्मन ने बताया कि चालक के खिलाफ अतिक्रमण कर आवास निर्माण करने की जानकारी मुझे नहीं थी। और न ही मेरे संज्ञान में आई है। आपने मामला मेरे संज्ञान लाया है तो मैं जांच कर समुचित कार्रवाई करूंगा।

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