मप्र के इन गांवों की सड़कें हैं कीचड़ से सनी फिर भी हो रहा विकास | KATNI NEWS

कटनी/उमरियापान। मंगलवार- बुधवार को अंचल में हुईं बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों की स्थिति खराब हो गई है। जहां एक ओर प्रदेश में विकास की ढिंढोरा पीटा जा रहा है वही इन गांवों की सड़कें कीचड़ से सन चुकी हैं। जहाँ राहगीर एवं ग्रामीणों का सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया हैं। विकासखण्ड ढीमरखेड़ा के उमरियापान क्षेत्र के ग्राम तिघरा से भनपुरा पहुँच मार्ग में सड़क की स्थिति इतनी बदहाल है कि इन रास्तों से पैदल चलना दूभर है। 

यह रास्ता कई गांवों को जोड़ने की वजह से क्षेत्र का मुख्य मार्ग है जहां से राहगीरों को परेशानी का सामना कर निकलने मजबूर है साथ ही स्कूली बच्चों का पैदल चलना मुश्किल हो गया है। सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि कीचड़ में फिसलकर कई दुपहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से पिपरिया सहलावन, तिघरा, भटगवां, भसेड़ा, मुहारी,इमलहा टोला,खिरवा, झुनकी, सहजपुरी,भनपुरा खुर्द सहित अन्य गांव के हजारों लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं।एक ही पहुँच मार्ग होने के कारण ग्रामीणों को मजबूरन खराब सड़क से रास्ता नापना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बीते कई वर्षों से यह सड़क टूटकर गडढे में तब्दील है। बारिश के मौसम में सबसे ज्यादा दिक्कत होती हैं।लोगों का घर से निकलना मुश्किल होता हैं।बारिस के मौसम में यदि इन गांवों का कोई व्यक्ति बीमार होता है या प्रसव के समय उमरियापान जाना पड़ता हैं तो सड़क के दलदल के कारण कोई वाहन नहीं पहुँच पाता है।जिससे लोगों की परेशानी और अधिक बढ़ जाती हैं।
इस रास्ते छात्र जाते हैं स्कूल
जिले के पिछड़े गांवों में आने वाले तिघरा, भटगवां, भसेड़ा, मुहारी,इमलहा टोला,खिरवा, झुनकी, सहजपुरी, के सभी बच्चे प्राथमिक स्तर तक कि पढ़ाई तो गांव में कर लेते हैं लेकिन माध्यमिक स्तर से पढ़ाई करने के लिए इन गांवों के बच्चों को सहलावन पिपरिया या उमरिया पान जाना पड़ता है जहां पहुंचने के लिए इन स्कूली छात्रों को इसी कीचड़ से सने रास्ते से होकर जाना पड़ता है।
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