पुलिसिया गरूर से मस्त है कुछ लोग

BHOPAL: जज की कुर्सी देखकर उस पर सेल्फी लेने का उत्साह दिखाना मध्य प्रदेश पुलिस के एक ट्रेनी को भारी पड़ गया। पुलिस में शामिल होने की तैयारी कर रहे इस युवक को हिरासत में ले लिया गया। हालांकि, बाद में उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया। बता दें कि ऐसा करने पर व्यक्ति को एक साल की जेल, जुर्माना या दोनों झेलने पड़ सकते हैं।  दरअसल, न्यायिक मैजिस्ट्रेट के. पी. सिंह का कोर्टरूम शनिवार सुबह खाली था। उसके सामने से गुजर रहे ट्रेनी कॉन्स्टेबल राम अवतार रावत ने यह देखा तो वह अंदर चला गया। वहां जाकर वह आराम से जज की कुर्सी पर बैठा और सेल्फी लेने लगा। 

पुलिस से की रावत की शिकायत 

रावत को यह करता देख स्टाफ के एक व्यक्ति ने उसे टोका, जिस पर रावत गुस्से में आ गया। वह कथित तौर पर कहने लगा कि वह एक पुलिसवाला है और उसके जो मन आए वह करने से उसे कोई रोक नहीं सकता। इस पर स्टाफ ने रावत की शिकायत पुलिस से कर दी। 

जज की कुर्सी पर सेल्फी 

पुलिस ने भारतीय दंड संहिता के तहत उस पर चार्ज लगाए और हिरासत में ले लिया। उसने पुलिस को बताया कि वह ट्रेनी है और मजे के लिए सेल्फी ले रहा था। बता दें कि इसके लिए व्यक्ति को एक साल की जेल या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। हालांकि, रावत को जमानत पर रिहा कर दिया गया। 

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