KALAVATI BHURIA की दावेदारी से गरमाई जोबट विधानसभा की राजनीति

उदयगढ़। विधानसभा चुनाव की नज़दीकियां धीरे धीरे नेताओं को रंग मे ला आ रही है। कांग्रेस इस मर्तबा झाबुआ-अलीराजपुर जिले की पांचों विधानसभा पर कड़ी नजर गड़ाए काफी सक्रिय है। कांग्रेस को लगता है कि भाजपा के दिन लद गए हैं और माहौल कांग्रेस के पक्ष में है। कुछ ऐसी ही सोच को लेकर  कांग्रेसी नेताओं में उमंगे उछाल मार रही हैं। प्रत्येक विधानसभा में कांग्रेस के ही 4 से 5 उम्मीदवार अपने आप को सशक्त दावेदार बताते हुए एड़ी से चोटी की जोर आजमाइश में लग गए हैं। 

जोबट विधानसभा में बीते 1 माह से नए चेहरे की मांग को लेकर घमासान मचा हुआ है। कमरू भाई अजनार, सुमेरसिंह अजनार, मोनू बाबा, चंद्रकांता सोलंकी, अजमेरसिंह रावत की दावेदारी के बीच ही आदिवासी अंचल की सबसे मजबूत महिला नेत्री/ सांसद कांतिलाल भूरिया की भतीजी एवं झाबुआ जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री कलावती भूरिया द्वारा जोबट विधानसभा से लड़ने की इच्छा जाहिर होते ही यहां की राजनीति और गरमा गई है। कलावती भूरिया की दावेदारी जोबट विधानसभा से 3 मर्तबा विधायक एवं राज्यमंत्री रही श्रीमती सुलोचना रावत और उनके पुत्र विशाल रावत के राजनीतिक  केरियर को चौपट कर सकती है।

आम जनता के बीच कलावती भूरिया की छवि नेता की नहीं हो कर आम कार्यकर्ता की तरह है। झाबुआ से अलग अलीराजपुर जिला बन जाने के बाद भी यहां सुश्री भूरिया के समर्थकों/चाहने वालों की कोई कमी नहीं। यहां सुलोचना रावत परिवार  का विरोध और खुद को सशक्त दावेदार के रूप में प्रस्तुत करने वाले लगभग सारे ही नेता/ दावेदार सुश्री कलावती भूरिया के नाम पर चुप्पी साध लेते हैं जबकि सुलोचना रावत और विशाल रावत को टिकट दिए जाने का विरोध यहां हर स्तर पर देखने को मिला है। 

जीतू पटवारी, संजय कपूर, दिग्विजयसिंह, कांतिलाल भूरिया के सामने  नए चेहरे की मांग  को लेकर  लगभग सारे दावेदार काफी  मुखर रहे है। मंगलवार को  झाबुआ  आए  मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी दीपक बावरिया और एमडी जोशी के समक्ष भी जोबट विधानसभा क्षेत्र के नेताओं ने परिवारवाद से अलग हटकर नए चेहरे को मौका देने की बात रखी। पिछली मर्तबा कांग्रेस से बगावत कर निर्दलीय विधानसभा लड़ चुकी चंद्रकांता सोलंकी और उनके पति यतींद्र नारायण शर्मा ने तो बावरिया और जोशी से यहां तक कह दिया कि यदि चेहरा नहीं बदला तो हम जीती हुई सीट को ना सिर्फ हारेंगे बल्कि जमानत तक जप्त करवा बैठेंगे। 

हालांकि यह और बात है कि बगावती चंद्रकांता सोलंकी की बीते चुनाव में जमानत जप्त हो गई थी, लेकिन इस मर्तबा कांग्रेस के पक्ष में लहर को देखते हुए वह पुनः टिकट की मांग और जीत के प्रति आश्वस्त होकर टिकट पाने के लिए पुरजोर मेहनत कर रही है। गौरतलब है कि बीते दिनों आजाद नगर के समीप ग्राम सेजावाडा में जहां सुलोचना रावत ने चंद्रकांता सोलंकी के पति जितेंद्र नारायण शर्मा को अपना राजनीतिक गुरु बताया था अब वही गुरु बीते विधानसभा की तरह पुनः उनके विरोध में सक्रिय हो गए हैं।

Related Posts

Subscribe Our Newsletter