अविश्वास बन जाता है पतन का कारण: महाराज वैभव भटेले

BHOPAL: अविश्वास पतन का कारण बन जाता है। भगवान के प्रति अविश्वास रखने से भक्ति सफल नहीं हो सकती। भक्ति तभी सफल है, जब भगवान में अटूट श्रद्धा और विश्वास हो। ये उद्गार अमराई गेंहूखेड़ा में चल रहे रामकथा महोत्सव के दूसरे दिन गुरुवार को सुप्रसिद्ध मानस मर्मज्ञ महाराज वैभव भटेले ने व्यक्त किए।
 
शिव शक्ति सेवा धाम समिति के संस्थापक योगेंद्रनाथ योगी द्वारा आयोजित यह सप्त दिवसीय आयोजन 22 मई तक चलेगा। महोत्सव में दूर-दूराज से भी बड़ी संख्या में श्रदलु पहुंच रहे हैं। महाराज भटेले ने शिव-सती की कथा का वर्णन करते हुए सती के मन में भगवान के प्रति हुए अविश्वास की विस्तृत व्याख्या की। उन्होंने कहा कि भगवान के प्रति अविश्वास करने वालों का पतन हो जाता है, चाहे वह मानव हो, दानव हो या देवता। इस धरती पर जब भी और जिसने भी भगवान पर अविश्वास किया, उसका बेड़ा गर्क हो गया। 

शिव-सती कथा सुनाते हुए महाराज जी ने कहा कि अगस्त ऋषि के मलयाचल पर्वत स्थित आश्रम में श्री राम कथा का श्रवण कर लौटे भगवान शिव ने दण्डकारण्य में जब प्रभु राम को सीता के वियोग में बिलखते हुए देखा तो उन्होंने दूर से ही उन्हें जय सच्चिदानंद कहते हुए प्रणाम कर लिया। यह देख माता सती को आश्चर्य हुआ और उनके पूछने पर शिव ने कहा कि यही भगवान हैं। माता सती को शिवजी के बात पर विश्वास नहीं हुआ और वे सीता का रुप धारण कर श्रीराम की परीक्षा लेने पहुंच गई। इसके बाद भोलेनाथ ने समाधि लगा ली। कथा के दूसरे दिन खासतौर से पूर्व विधायक जितेंद्र डागा सहित ज्ञानसिंह तोमर, सुनील दुबे, लता योगी, सुरेश विश्वकर्मा आदि मौजूद थे। 

स्वर्ग से भी सुंदर है भारत
महाराज जी ने कहा कि भारत भक्ति की भूमि है और स्वर्ग भोग की। इसलिए गर्व से कह सकते हैं कि भारत स्वर्ग से भी सुंदर है। जहां भक्ति भाव से भरे लोग भगवत प्राप्ति के लिए संकल्पित होते हैं, ऐसा हमारा भारत है। ध्यान रहे भक्ति तभी सफल हो सकती है, जब भक्त की भगवान में अटूट श्रद्धा और विश्वास होता है। 

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