Alirajpur - राजेश जयंत:पश्चिम मध्य प्रदेश के जनजातीय बहुल अलीराजपुर जिले में तेंदुए के हमले की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। गुजरात और महाराष्ट्र की सीमाओं से लगे इस इलाके के जंगलों में अक्सर तेंदुआ पालतू बकरियों, मुर्गा-मुर्गियों का शिकार करता है, तो कभी इंसानों पर भी हमला कर देता है। सोमवार शाम कुंडवाट गांव में वन विभाग की टीम जब बकरी के शिकार की सूचना पर सर्चिंग के लिए पहुंची, तभी तेंदुए ने वनपाल जीवन मंडलोई और बीट गार्ड विपुल चौहान पर हमला कर दिया। घबराहट में वनकर्मी लोकेंद्र कुशवाह को भी अस्पताल ले जाना पड़ा।
गांव के कवींद्र पिता टूटियां की बहादुरी से दोनों वनकर्मियों की जान बची, जिन्होंने पत्थर फेंककर तेंदुए को भगाया। तेंदुआ अभी भी इलाके में घूम रहा है, जिससे ग्रामीणों में दहशत है और सैकड़ों लोग मौके पर जमा हैं।
सरकार द्वारा वन्य भूमि के पट्टे बांटे जाने के बाद जंगल क्षेत्र घटा है और इंसानों की आवाजाही जंगल क्षेत्र में बढ़ी है, जिससे तेंदुए के हमले भी बढ़े हैं। मंत्री नागर सिंह चौहान ने कलेक्टर को तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने के निर्देश दिए हैं ताकि तेंदुए को पकड़ा जा सके और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।