मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद युवाओं से धोखा

भोपाल। कांग्रेस ने घोषणा पत्र  में परीक्षा घोटाले में बदनाम हुए व्यावसायिक परीक्षा मंडल को बंद करने का ऐलान किया था। कांग्रेस ने सरकारी सेवाओं में चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का भी वादा किया था। कांग्रेस के वचनपत्र में कहा गया  था कि हम 2008 से 2018 तक के घोटालों की जांच कराएंगे। प्रदेश के ही युवाओं को सरकारी नौकरी मिले, इस हेतु व्‍यापम बंद करेंगे। कांग्रेस की सरकार बनने पर प्रदेश में शासकीय, सार्वजनिक उपक्रम एवं निकायों के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए राज्य कर्मचारी चयन आयोग का गठन होगा। सभी विभागों में गैर-राजपत्रित तृतीय श्रेणी के पद संभागीय संवर्ग एवं चतुर्थ श्रेणी के पद जिला संवर्ग में मानते हुए उनकी भर्ती जिला स्तर पर की जायेगी। कांग्रेस ने वर्ष 2008 से 2018 तक आयोजित व्यापमं, पीएमटी, डीमेट एवं अन्य परीक्षाओं से प्रभावित प्रदेश के मूल निवासी अभ्यर्थियों द्वारा जमा शुल्क वापस करने की भी बात कही है। पार्टी ने शासकीय सेवाओं में प्रदेश के मूल निवासियों को प्राथमिकता देने का भी जिक्र किया  था। 

वचन-पत्र :
- वर्ष 2008 से 2018 तक आयोजित व्यापमं, पीएमटी, डीमेट एवं अन्य परीक्षाओं से प्रभावित प्रदेश के मूल निवासी अभ्यर्थियों द्वारा जमा शुल्क वापस होंगे। 
*बता दें कि व्यापमं द्वारा आयोजित की गई परीक्षाओं में बड़े स्तर पर घोटाले सामने आए थे। जिसके कारण कई नेता-मंत्री व अधिकारी जेल की हवा खा चुके हैं। बीजेपी सरकार के दौरान हुआ यह घोटाला 50 से ज्यादा लोगों की जानें ले चुका है। प्रदेश की शिवराज सरकार ने इस घोटाले से अपना पीछा छुड़ाने के लिए इसका नाम बदलकर प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड रख दिया है। लेकिन इसे आज भी व्यापम के नाम से ही जाना जाता है।*

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