ज्यादातर कुत्तों को हाइपो थायराइड की समस्या

BHOPAL: इंसानों जैसा रहन-सहन, खान-पान और दौड़ भाग नहीं होने से कुत्ते भी थायराइड बीमारी का शिकार हो रहे हैं। जिससे वे मोटे हो रहे हैं। इसके अलावा भी उन्हें तरह-तरह की दिक्कतें आ रही हैं। राजधानी स्थित राज्य पशु चिकित्सालय में हर दिन दो-तीन केस ऐसे आ रहे हैं। डॉक्टरों ने कहा कि आगे इस बीमारी का और बढ़ना तय है।

राज्य पशु चिकित्सालय के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. एचएल साहू ने बताया कि कुत्तों की जिंदगी भी इंसानों जैसी हो गई है। उनके खान-पान में फास्ट फूड बढ़ता जा रहा है। इस वजह से हाइपर और हाइपो थायराइड की बीमारी बढ़ रही है। कुत्तों का चलना फिरना भी नहीं हो पा रहा है। इस वजह से उन्हें थायराइड व हार्मोन से जुड़ी दूसरी बीमारियां हो रही हैं। उन्होंने बताया कुत्ते पालने वालों में अभी जागरूकता उतनी नहीं है। लिहाजा लोग कुत्ते को लेकर आते हैं तब तक बीमारी काफी बढ़ चुकी होती है।

कुत्तों की खुराक अलग होनी चाहिए
राज्य पशु चिकित्सालय के डॉ. एसआर नागर ने बताया कि परंपरागत तरीके से कुत्तों की खुराक अलग होती है, लेकिन अब उन्हें वह खाना नहीं मिल पा रहा है। उसकी जगह इंसान बचा हुआ फास्ट फूड जैसे पिज्जा, बर्गर आदि देते हैं। धीरे-धीरे कुत्ते इन्हें खाने के आदी हो जाते हैं। इसके बाद वे अपने परंपररागत खुराक से भी तौबा कर लेते हैं। उन्होंने बताया फास्ट फूड से उनका पेट तो भर जाता है, लेकिन पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। आयोडीन नमक खाने में पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाने की वजह से थायराइड की समस्या हो रही है। उन्होंने कहा कि लक्षण दिखने पर लैब में टी3, टी 4 और टीएसएच हार्मोन की जांच कराई जाती है।

ज्यादातर कुत्तों को हाइपो थायराइड की समस्या
शहर के पशु चिकित्सक डॉ. सुनील तुमारिया ने कहा कि कुत्तों में थायराइड की समस्या बढ़ने की बड़ी वजह जीवन शैली में बदलाव है। साथ ही जांच की सुविधाएं बढ़ने से बीमारी भी जल्दी पकड़ में आ रही है। उन्होंने बताया कि हाइपर थायराइड (ज्यादा) और हाइपो थायराइड (कम) दोनों तरह के केस आ रहे हैं, लेकिन हाइपो थायराइड के मामले ज्यादा आ रहे हैं।

यह हैं लक्षण
कुत्तों का मोटा होना
शरीर में खुजली
ज्यादा खाना या बिल्कुन न खाना
सुस्त रहना, पेट में दर्द आदि

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